ग्रेटर नोएडा वेस्ट (एक मूर्ति, इकोटेक-12) की धरती आज एक ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पल की साक्षी बनी। ‘प्रभु श्री रामलीला सेवा ट्रस्ट’ द्वारा आयोजित होने वाली भव्य “प्रभु श्री रामलीला 2026” के लिए आज मंत्रोच्चार और पूरी श्रद्धा के साथ भूमि पूजन कार्यक्रम संपन्न हुआ। भारी वर्षा के बाबजूद आई भीड़ ने ये साबित किया कि यह आयोजन केवल एक रामलीला मंचन की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह ग्रेटर नोएडा वेस्ट को दिल्ली-एनसीआर के सबसे बड़े सांस्कृतिक और सामाजिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह बहुप्रतीक्षित 15 दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव 10 से 24 अक्टूबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। आज का भूमि पूजन महोत्सव स्थल पर निर्माण कार्य के औपचारिक शुभारंभ का प्रतीक रहा।
कंक्रीट के जंगल में सांस्कृतिक पुनर्जागरण का शंखनाद
ग्रेटर नोएडा वेस्ट को अक्सर ऊंची इमारतों और कंक्रीट के जंगल के रूप में देखा जाता है। ऐसे में 50 बीघा से अधिक विशाल क्षेत्र में फैले इस सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन स्थानीय निवासियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस महोत्सव के दौरान प्रतिदिन 40,000 से 50,000 दर्शकों के आने की संभावना है, जो इसे दिल्ली-एनसीआर के सबसे बड़े सांस्कृतिक आयोजनों में शुमार करता है। स्थानीय निवासियों के लिए यह गर्व की बात है कि अब उन्हें एक विश्वस्तरीय और भव्य सांस्कृतिक आयोजन देखने के लिए दिल्ली या अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा।
संत समाज और राजनेताओं का मिला आशीर्वाद
भूमि पूजन के इस पावन अवसर पर अध्यात्म और राजनीति के दिग्गजों का महासंगम देखने को मिला। कार्यक्रम को अपनी दिव्य उपस्थिति से सुशोभित करने वालों में शामिल रहे:
पूज्य चतुर नारायण पाराशर महाराज (वानप्रस्थ, वृन्दावन धाम)
पूज्य डॉ. शिवम साधक महाराज (गौरी शंकर धाम, वृन्दावन)
डॉ. महेश शर्मा (माननीय सांसद, गौतम बुद्ध नगर)
श्रीचंद शर्मा एवं दिनेश कुमार गोयल (सदस्यगण, उत्तर प्रदेश विधान परिषद)
“यह केवल महोत्सव नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक पहचान है”
इस अवसर पर बोलते हुए गौतम बुद्ध नगर के सांसद डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि “यह भूमि पूजन गौतम बुद्ध नगर के लिए गर्व का क्षण है। प्रभु श्री रामलीला 2026 केवल एक महोत्सव नहीं, बल्कि एक स्थायी सांस्कृतिक संस्था होगी, जो हमारे साझा मूल्यों को प्रतिबिंबित करेगी और हमारे समुदाय को भक्ति एवं उत्सव की भावना से जोड़ेगी।”
क्या होगा खास? ‘प्रभु श्री रामलीला 2026’ की मुख्य विशेषताएं
भव्य राम मंदिर की स्थापना: महोत्सव परिसर में 60×60 फीट का एक भव्य और विशाल राम मंदिर मॉडल स्थापित किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र होगा।
विशाल क्षमता: 50 बीघा से अधिक क्षेत्र में फैले इस परिसर में प्रतिदिन 50 हजार लोगों के सुचारू आवागमन और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था होगी।
निःशुल्क और समावेशी: यह महोत्सव समाज के हर वर्ग के लिए पूरी तरह से निःशुल्क होगा, जिसमें पारंपरिक रामलीला मंचन के साथ-साथ विविध सांस्कृतिक और सामुदायिक कार्यक्रम शामिल होंगे।
स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह
इस भूमि पूजन कार्यक्रम में ट्रस्ट के सदस्यों, स्थानीय निवासियों ने भारी संख्या में हिस्सा लिया। निवासियों का मानना है कि इस आयोजन से ग्रेटर नोएडा वेस्ट की सामाजिक एकजुटता मजबूत होगी और आने वाली पीढ़ी को सनातन संस्कृति को करीब से अनुभव करने का मौका मिलेगा।

