ग्रेटर नोएडा वेस्ट। ग्रेटर नोएडा वेस्ट अब केवल तेजी से विकसित होता आवासीय और व्यावसायिक हब ही नहीं, बल्कि एक नए सांस्कृतिक पुनर्जागरण का केंद्र बनने जा रहा है। प्रभु श्रीराम सेवा ट्रस्ट द्वारा 10 से 24 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाली ‘प्रभु श्री रामलीला 2026’ न केवल दिल्ली-एनसीआर की सबसे विशाल रामलीला होगी, बल्कि यह आधुनिक भारत में पारंपरिक कला के प्रस्तुतिकरण का एक नया मानक भी स्थापित करेगी। इस भव्य 15-दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव के लिए 23 अगस्त 2026 को भूमि पूजन किया जाएगा।
अयोध्या के बाल स्वरूप के होंगे प्रत्यक्ष दर्शन
इस बार रामलीला में सबसे बड़ा आकर्षण अयोध्या के श्रीराम मंदिर का भव्य मॉडल होगा, जिसका निर्माण सेक्टर इकोटेक-12 स्थित कमर्शियल बेल्ट में किया जाएगा। 60×60 फीट के क्षेत्रफल और करीब 35 फीट की ऊंचाई वाले इस मॉडल में प्रभु श्रीराम के बाल स्वरूप की 5 से 6 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इस प्रतिमा का निर्माण विशेष रूप से अयोध्या के हनुमानगढ़ी में कराया जा रहा है, जिससे एनसीआर के श्रद्धालुओं को अपने ही शहर में अयोध्या जैसा दिव्य अनुभव प्राप्त हो सकेगा।
तकनीक और परंपरा का सजीव संगम
50 बीघा से अधिक के विशाल क्षेत्र में आयोजित होने वाले इस महोत्सव में प्रतिदिन 40,000 से 50,000 दर्शकों के आने की उम्मीद है। प्रभु श्रीराम सेवा ट्रस्ट ने इसे पारंपरिक ‘स्टेज शो’ से अलग एक सजीव सांस्कृतिक अनुभव का रूप दिया है। दर्शक यहां केवल दो घंटे का नाटक देखने नहीं आएंगे, बल्कि 6 घंटे के संपूर्ण पारिवारिक अनुभव का हिस्सा बनेंगे। आयोजन के मुख्य आकर्षणों में:
रात्रिकालीन ड्रोन शो: आकाश में उकेरती रामायण की गाथाएं।
राम बाज़ार: भारतीय शिल्प, संस्कृति और व्यापार का विशाल मंच (250+ चयनित अनुभव)।
फूड स्ट्रीट: देश के विभिन्न राज्यों के प्रामाणिक व्यंजनों का स्वाद।
पर्यावरण-अनुकूल पहल: संपूर्ण आयोजन क्षेत्र पूरी तरह प्लास्टिक-मुक्त रहेगा।
शहरी पेशेवरों के लिए सांस्कृतिक जुड़ाव का नया जरिया
यदि आधुनिक कामकाजी पेशेवरों के दृष्टिकोण से देखा जाए, तो यह आयोजन पारंपरिक मनोरंजन के बजाय अर्थपूर्ण, साझा अनुभवों के प्रति बदलते रुझान को दर्शाता है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट जैसे न्यू-एज शहर में, जहां युवा पेशेवर, नए गृहस्वामी और बहु-पीढ़ीगत परिवार निवास करते हैं, ऐसे आयोजनों की अत्यंत आवश्यकता थी।
यह महोत्सव साबित करता है कि जब भारतीय सनातन परंपराओं को modern तकनीक, उत्कृष्ट इंफ्रास्ट्रक्चर और पेशेवर प्रबंधन के साथ जोड़ा जाता है, तो वह आज की पीढ़ी के लिए और भी अधिक प्रासंगिक और आकर्षक बन जाती है। ‘प्रभु श्री रामलीला 2026’ न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बनेगी, बल्कि यह NCR के सांस्कृतिक पर्यटन को भी एक नई दिशा देगी।

