मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार, 25 जून को नोएडा प्राधिकरण के ऑडिटोरियम में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान प्राधिकरण के अत्याधुनिक प्रशासनिक भवन का लोकार्पण किया। 390 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित यह भवन, क्षेत्र में प्रशासनिक दक्षता और जनसेवा में क्रांति लाने का वादा करता है। इस अवसर पर, मुख्यमंत्री ने सुशासन, पारदर्शिता और त्वरित निर्णय प्रक्रिया के महत्व पर जोर दिया, यह रेखांकित करते हुए कि यह नया मुख्यालय उनकी सरकार के “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
लोकार्पण के तुरंत बाद, प्राधिकरण ने चरणबद्ध तरीके से नए भवन में स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू कर दी है। सीईओ, एसीईओ, और जीएम स्तर के अधिकारियों ने पहले ही नए कार्यालय में अपना कार्यभार संभाल लिया है, जिसका उद्देश्य प्रशासनिक कामकाज को बिना किसी बाधा के जारी रखना है। प्राधिकरण का दावा है कि पहले चरण में केवल आवश्यक दस्तावेज और कार्यालय संचालन से जुड़ा सामान ही स्थानांतरित किया जा रहा है, और इस सप्ताहांत तक सभी महत्वपूर्ण फाइलों को नई इमारत में सुरक्षित रूप से शिफ्ट कर लिया जाएगा।
चरणबद्ध स्थानांतरण और सुव्यवस्थित समन्वय
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, पूरे कार्यालय को चरणबद्ध तरीके से अगले तीन माह में नई इमारत में पूरी तरह स्थानांतरित कर दिया जाएगा। इस जटिल प्रक्रिया का समन्वय अब सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा किया जा रहा है, ताकि सभी विभागों को उनकी नई जगह पर व्यवस्थित करने का काम सुचारु रूप से चलता रहे। यह सुनियोजित दृष्टिकोण यह सुनिश्चित करेगा कि सेवाएं प्रभावित न हों और कर्मचारियों को नए वातावरण में ढलने का पर्याप्त समय मिले।
प्रशासनिक गति और जन सुविधा में वृद्धि की उम्मीद
इस भव्य और आधुनिक इमारत का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें सभी प्रमुख विभागों को एक ही परिसर में स्थान दिया गया है। यह केंद्रीकरण प्रशासनिक कार्यों में अभूतपूर्व तेजी लाने की उम्मीद है। विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होने से फाइलों की आवाजाही तेज़ होगी, निर्णय प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होगा और परियोजनाओं को गति मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल प्राधिकरण के आंतरिक कामकाज को सुव्यवस्थित करेगा, बल्कि आम जनता के लिए भी सेवाओं को अधिक सुलभ और कुशल बनाएगा, जिससे उन्हें अपने कार्यों के लिए अलग-अलग स्थानों पर भटकना नहीं पड़ेगा। यह मुख्यमंत्री के सुशासन के विजन को ज़मीन पर उतारने का एक ठोस प्रयास है।
आपके लिए जानकारी: कौन-सा विभाग किस फ्लोर पर?
आम जनता और पेशेवरों की सुविधा के लिए, हम नोएडा प्राधिकरण के नए कार्यालय में विभागों की मंजिल-वार व्यवस्था प्रस्तुत कर रहे हैं, जिससे आपको अपने संबंधित कार्यों के लिए सही स्थान तक पहुंचने में आसानी होगी:
ग्राउंड फ्लोर: स्वागत कक्ष, विशाल सभागार, औद्योगिक विभाग, संस्थागत विभाग, वाणिज्य विभाग एवं विधि विभाग।
पहला फ्लोर: जनसुनवाई केंद्र (नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु), ग्रुप हाउसिंग विभाग और आवासीय भवन विभाग।
दूसरा फ्लोर: आवासीय भूखंड विभाग, भूलेख विभाग, आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) और आरटीआई (सूचना का अधिकार) संबंधी कार्य।
तीसरा फ्लोर: सामान्य प्रशासन विभाग, कार्मिक विभाग और वित्त विभाग।
चौथा फ्लोर: नियोजन विभाग एवं भवन प्रकोष्ठ।
पंचम फ्लोर: अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (एसीईओ) के कार्यालय, महाप्रबंधक (जीएम), उपमहाप्रबंधक (सिविल), जल विभाग, उद्यान विभाग, विद्युत विभाग, यांत्रिक विभाग और जनस्वास्थ्य विभाग।
छठा फ्लोर: मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) का केंद्रीय कार्यालय के साथ अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी के बैठने के कक्ष।
सातवां फ्लोर: प्राधिकरण अध्यक्ष का सर्वोच्च कार्यालय।
