सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित एक गरिमापूर्ण समारोह में गौतमबुद्धनगर के गोविंदगढ़ गांव निवासी प्रतिभाशाली पैरा एथलीट प्रवीण कुमार को प्रतिष्ठित पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस सम्मान के साथ ही प्रवीण ने न केवल अपने गांव गोविंदगढ़ बल्कि जेवर और पूरे गौतमबुद्धनगर जिले का नाम देश-दुनिया में रोशन किया है।
प्रवीण के पिता अमरपाल सिंह ने मीडिया से बात करते हुए अपने बेटे की उपलब्धि पर गहरा गर्व व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें खुशी है कि उनके बेटे ने जिले को पहला पद्मश्री पुरस्कार दिलाकर इतिहास रचा है। इस ऐतिहासिक पुरस्कार समारोह को देखते ही प्रवीण के स्वजनों और क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई।
प्रवीण के कोच सतपाल सिंह ने उनकी लगन और परिश्रम की सराहना करते हुए बताया कि प्रवीण के दृढ़ संकल्प के आगे सभी लक्ष्य बौने साबित होते चले गए। अपने शानदार प्रदर्शनों से प्रवीण ने लगातार देश का नाम रोशन किया है।
प्रवीण की प्रमुख उपलब्धियां:
2024 पेरिस पैरालिंपिक: शानदार प्रदर्शन के दम पर स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम दुनिया में रोशन किया।
2020 टोक्यो पैरालिंपिक: चोट से जूझते हुए भी रजत पदक हासिल किया।
2023 एशियन पैरा गेम्स: रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता।
2023 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप (पेरिस): कांस्य पदक।
2025 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप (नई दिल्ली): कांस्य पदक।
उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को देखते हुए प्रवीण कुमार को 2021 में अर्जुन अवार्ड और 2025 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है।
मां गोवर्धन की 84 कोसी परिक्रमा पर
बेटे की इन सफलताओं से भावुक और मन्नत पूरी होने पर प्रवीण की मां निर्दोष देवी 21 मई से गोवर्धन महाराज की 84 कोस (करीब 251 किलोमीटर) लंबी पैदल परिक्रमा कर रही हैं। उन्होंने परिक्रमा के दौरान ही अपने बेटे के पुरस्कार समारोह को देखा और खुशी मनाई। इस दौरान प्रवीण के भाई सचिन, भाभी किरन और कोच सतपाल सिंह राष्ट्रपति भवन में मौजूद रहे और इस गौरवपूर्ण क्षण के साक्षी बने। प्रवीण कुमार की यह उपलब्धि गौतमबुद्धनगर के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
