आज के भागदौड़ भरे युग में, जहाँ सामाजिक सरोकार अक्सर ओझल होते जा रहे हैं, ‘पंजाबी विकास मंच’ ने सेवा और मानवता की एक अनुकरणीय मिसाल पेश की है। मंच द्वारा आज सेक्टर 55 की बाहरी मुख्य सड़क, सेक्टर 22 के सम्मुख, निर्जला एकादशी और सिखों के पाँचवें गुरु, गुरु अर्जुन देव जी के शहीदी दिवस के पावन अवसर पर एक विशाल ठंडे शरबत की छबील का आयोजन किया गया।
धार्मिक समन्वय और सेवा का संगम
यह कार्यक्रम अपने आप में भारतीय संस्कृति की विविधता और एकता का प्रतीक रहा। हिंदू धर्म में निर्जला एकादशी का विशेष महत्व है, जहाँ भीषण ग्रीष्मकाल में ‘वृक अग्नि’ को शांत करने और संयम का संकल्प लिया जाता है। वहीं, सिख पंथ के प्रथम शहीद गुरु अर्जुन देव जी की शहादत हमें धर्म, सत्य और मानवीय मूल्यों के लिए सर्वोच्च बलिदान की प्रेरणा देती है। इस अवसर पर छबील का आयोजन करना न केवल राहगीरों के लिए भीषण गर्मी में राहत का माध्यम बना, बल्कि यह दोनों महापुरुषों की शिक्षाओं—दान, संयम और परोपकार—को एक सूत्र में पिरोने का प्रयास भी रहा।
इको-फ्रेंडली पहल
जिम्मेदारी का परिचय आयोजन की सबसे सराहनीय बात इसका ‘इको-फ्रेंडली’ स्वरूप रहा। बढ़ते पर्यावरण संकट को देखते हुए, पंजाबी विकास मंच ने प्लास्टिक मुक्त कार्यक्रम का संकल्प लिया और इसमें पूरी तरह से कागज के गिलासों का उपयोग किया गया। साथ ही, स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए डस्टबिन की उचित व्यवस्था की गई, जो अन्य सामाजिक संस्थाओं के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है।
अतिथियों और कार्यकर्ताओं का योगदान
प्रातः 11 बजे से दोपहर 2.30 बजे तक चले इस सेवा कार्य का उद्घाटन दीपक विग, जे.एम. सेठ, एस.पी. कालरा, जी.के. बंसल, संजीव पुरी और हरीश सभरवाल द्वारा फीता काटकर किया गया। इस पुनीत कार्य में मंच के समर्पित सदस्यों, जिनमें ओ.पी. गोयल, अमरदीप शाह, सुनील वाधवा, वंदना बंसल, अलका सूद, सविता अरोड़ा, नीलम भागी, अंजना भागी, प्रभा जयरथ, ऋतु दुग्गल, एस.एस. सचदेवा, सरोज भाटिया, संजय खत्री, अजय साहनी, सुमीत कोहली, अमरजीत कौर, शरण चौहान, योगीराज, आर.के. भट्ट और लक्ष्मी नारायण मंदिर महिला मंडल की निर्मल हांडा व मंजू सेठ सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
पंजाबी विकास मंच का यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि यदि सही नीयत और संगठित प्रयास हो, तो सामाजिक कार्यों के माध्यम से न केवल धार्मिक सद्भाव को बढ़ावा दिया जा सकता है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी जागरूकता फैलाई जा सकती है। मंच के सभी सदस्यों का निस्वार्थ समर्पण आज के समय में समाज के लिए एक प्रेरणादायक संदेश है। ऐसे आयोजनों से ही समाज में आपसी भाईचारे और निस्वार्थ सेवा की भावना जीवित रहती है।




