रुपिका भटनागर। हिंदी पत्रकारिता के शानदार 200 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में, नोएडा में एनसीआर खबर द्वारा एक भव्य ‘संवाद और सम्मान 2026’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस खास मौके पर डिजिटल क्रांति और AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के दौर में हिंदी पत्रकारिता के सामने खड़ी चुनौतियों और अवसरों पर गहन मंथन किया गया।
प्रमुख वक्ताओं में वरिष्ठ पत्रकार श्री अशोक श्रीवास्तव, श्री आलोक द्विवेदी जी और श्री राजीव रंजन झा जी ने अपने अनुभव और सूझ-बूझ से भरी बातें साझा कीं। उपस्थित अन्य गणमान्य अतिथियों में पूर्व डी ऍफ़ओ श्री पी के श्रीवास्तव, NEA अध्यक्ष श्री विपिन मल्हन की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई।
श्री अशोक श्रीवास्तव ने हिंदी पत्रकारिता में रील कल्चर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा डिजिटल मीडिया और सोशल मीडिया के इस दौर में हिंदी पत्रकारिता फेक न्यूज़, भ्रामक जानकारी और ब्रेकिंग न्यूज़ की होड़ में संपादन प्रक्रिया के कमजोर होने, साथ ही क्लिकबेट और सनसनीखेज पत्रकारिता जैसे दबावों से जूझ रही है। वो दूरदर्शन पर एक घंटे के कार्यक्रम में क्या कहते है लोग अब उसको कम सुनते हैं किन्तु किसी चर्चा के एक हिस्से में उन्होंने किसी मौलाना को क्या कह दिया उसकी रील वायरल हो जाती है जिसके चलते समाचार का मतलब बदल जाता है ।
श्री आलोक दिवेदी जी ने हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्ष को सिर्फ संख्या बताते हुए कहा कि हमारी संस्कृति में नारद जी के समय से पत्रकारिता हो रही है वो पल भर में इधर का समाचार उधर पहुंचा देते थे। महाभारत में संजय द्वारा धृतराष्ट्र को आँखों देखा वर्णनं सुनाने को उन्होंने आज के इलेक्ट्रोनिक चैनल की लाइव रिपोर्टिंग सी करते हुए कहा कि पत्रकारिता में आने वाली चुनोतियो से ररने की आवश्यकतानहीं है I AI कापी कर सकता है आंकड़ो को रख सकता है समाचार का भाव नहीं रख सकता है इसलिए हमें AI का सही प्रयोग करना सीखा होगा ।
श्री राजीव रंजन झा जी ने AI के कारण छोटे संस्थानों के आर्थिक पक्ष पर पड़ने वाले प्रभावों की चिंता करते हुए कहा कि अगर गूगल या अन्य प्लेटफार्म हममरी लिखी समाचारों का सारांश यूजर को देदेते हैं तो उससके कारण छोटे संस्थानों को नुक्सान होता है और इसके लिए रणनीति बनाने की आवश्यकता है ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एनसीआर खबर के संपादक श्री आशु भटनागर ने हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास को याद करते हुए बताया कि 30 मई 1826 को पंडित जुगल किशोर शुक्ल द्वारा कोलकाता से प्रकाशित पहले हिंदी समाचार पत्र ‘उदंत मार्तंड’ के साथ इसकी यात्रा शुरू हुई थी। उन्होंने रेखांकित किया कि स्वतंत्रता आंदोलन से पहले पत्रकारिता केवल एक पेशा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जागरण और स्वतंत्रता आंदोलन का एक बड़ा हथियार थी। स्वतंत्रता के बाद, हिंदी पत्रकारिता ने सामाजिक चेतना, राष्ट्र निर्माण और आमजन की आवाज को सत्ता के कानों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जब-जब सत्ता निरंकुश हुई, मीडिया ने जन आंदोलन को खड़ा करने में भी अपनी भूमिका निभाई – चाहे वह 70 के दशक में आपातकाल के दौरान जयप्रकाश आंदोलन हो या 2010 के दशक का अन्ना आंदोलन। इसके बावजूद, श्री भटनागर ने डिजिटल क्रांति से मिले अप्रत्याशित अवसरों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आज स्वतंत्र पत्रकारिता को एक बड़ा उपभोक्ता वर्ग स्मार्टफोन के जरिए मिल रहा है, जिससे बड़े औद्योगिक घरानों की मीडिया पर पकड़ कमजोर हुई है। प्रिंटिंग और प्रसारण की लागत में कमी ने एनसीआर खबर जैसी हाइपर लोकल पत्रकारिता को जिला, कस्बों और स्थानीय उद्योगों पर रिपोर्टिंग के लिए अधिक व्यावहारिक बना दिया है। समाचार अब केवल टेक्स्ट तक सीमित नहीं रह गए हैं; वीडियो न्यूज़, पॉडकास्ट, इंफोग्राफिक और लाइव स्ट्रीमिंग समाचार देने के नए सशक्त माध्यम बन गए हैं। सोशल मीडिया के जरिए पोल और कमेंट्स ने पाठकों और पत्रकारों के बीच संवाद का एक नया पुल विकसित किया है, वहीं डेटा एनालिसिस के लिए AI टूल्स पत्रकारों को कंटेंट निर्माण के बेहतर अवसर प्रदान कर रहे हैं।
सम्मान समारोह: कर्मयोगियों का महाकुंभ
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘नारद श्री’ और ‘एनसीआर श्री’ सम्मान समारोह रहा, जिसमें समाजसेवा, प्रशासन और पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विभूतियों को सम्मानित किया गया।
एनसीआर श्री सम्मान (विभिन्न श्रेणियों में):
- संस्थागत उद्योग: श्री विपिन मल्हन (NEA)
- जन भागीदारी: श्री अभिषेक कुमार (NEFOWA)
- निःस्वार्थ सेवा: श्री महेश सक्सेना (नोएडा लोक मंच)
- सोशल इम्पैक्ट: श्री ललित ठुकराल (चेयरमैन NAEC)
- जनसेवा: श्री रवि भदोरिया (माँ सीता रसोई)
- क्रांतिकारी: डॉ. रुपेश वर्मा (सचिव, किसान सभा)
- शिक्षा: श्री योगेन्द्र सिंह (द श्री राम यूनिवर्सल स्कूल)
- सामाजिक कार्य : श्री दीपक विग समाजवादी पार्टी नोएडा महानगर अध्यक्ष, चेयरमैन पंजाबी विकास मंच
- विशिष्ठ सम्मान श्री जेपी सिंह सचिव नोएडा मीडिया क्लब
- विशिष्ठ सम्मान श्री अरुण सिन्हा वरिष्ठ पत्रकार
- विशिष्ठ सम्मान श्री मनोज वत्स वरिष्ठ पत्रकार
- विशिष्ठ सम्मान श्री अतुल श्रीवास्तव, वरिष्ठ पत्रकार
- विशिष्ठ सम्मान श्री विनीत खरे, वरिष्ठ पत्रकार
- विशिष्ठ सम्मान श्री राहुल शर्मा समाजसेवी
प्रशासनिक उत्कृष्टता सम्मान:
प्रशानिक कायो में उत्क्रष्ट्ता के लिए श्री सोम्य श्रीवास्तव (ACEO ग्रेटर नोएडा), श्री शैलेंद्र भाटिया (ACEO यमुना प्राधिकरण), श्री ए.के. अरोरा (GM सिविल नोएडा प्राधिकरण), श्री आनंद मोहन सिंह (निदेशक उद्यान, नोएडा प्राधिकरण) को सम्मानित किया गया। साथ ही, यमुना प्राधिकरण के पूर्व सीईओ श्री अरुणवीर सिंह को उनके अभूतपूर्व कार्यों के लिए विशेष स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया।
नारद श्री सम्मान (पत्रकारिता):
- रिपोर्टर: श्री इंद्रेश शर्मा (भारत 24)
- उभरता सितारा: श्री दीप चौधरी
- वरिष्ठ पत्रकार: श्री विनोद शर्मा
- नेतृत्व उत्कृष्टता: श्री तुषार श्रीवास्तव (ब्यूरो चीफ, जी न्यूज़ लखनऊ)
- स्तंभकार: श्री अशित त्यागी (संपादक, युग करवट)
- फोटो जर्नलिस्ट:श्री लाल सिंह
- डिजिटल जर्नलिस्ट: श्री मेधा राजपूत
- खोजी पत्रकार: श्री आकाश नागर
‘एनसीआर खबर’ द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम हिंदी पत्रकारिता की विरासत को न केवल याद रखने, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने का एक अनूठा मंच बना। कार्यक्रम के अंत में संपादक श्री आशु भटनागर ने सभी अतिथियों और सम्मानित हस्तियों का आभार व्यक्त किया।

















































