बुलंदशहर और संभल में अपनी कार्यशैली और ईमानदारी से अपराधियों के बीच खौफ बन चुकीं 2020 बैच की आईपीएस अधिकारी अनुकृति शर्मा का तबादला अब गौतमबुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट में कर दिया गया है। उन्हें यहां अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP) के पद पर तैनात किया गया है। उनके आगमन के साथ ही नोएडा के हुड़दंगियों और अपराधियों के बीच हलचल तेज हो गई है।
NASA का ऑफर छोड़कर देश सेवा का फैसला
अनुकृति शर्मा की पहचान एक ऐसी अधिकारी के रूप में है जो न केवल तेज-तर्रार हैं, बल्कि अत्यंत ईमानदार और संवेदनशील भी हैं। अनुकृति शर्मा 2020 बैच की तेज तर्रार आईपीएस अधिकारी मानी जाती हैं। अनुकृति मूल रूप से राजस्थान के जयपुर में श्यामनगर की रहने वाली है। विवेक विहार पॉश कॉलोनी में रहने वाले योजना आयोग के असिस्टेंट डायरेक्टर दीनदयाल शर्मा और मधु शर्मा के घर में 14 अक्टूबर 1987 को अनुकृति का जन्म हुआ था। अनुकृति शुरुआती दिनों में डांसर बनना चाहती थीं। वे स्कूल के सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेती थीं। 12वीं में अनुकृति ने आईआईटी में दाखिले का सपना देखा।
आईआईएसईआर से इंटीग्रेटेड कोर्स किया। एमटेक करने के बाद उनका चयन अमेरिका की यूनिवर्सिटी में पीएचडी के लिए हो गया। उन्हें 2700 डॉलर मासिक की स्कॉलरशिप भी मिली। आईआईएसईआर में पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात वैभव मिश्रा से हुई। दोनों का चयन अमेरिका में हुआ। दोनों परिवारों ने शादी का दबाव बनाया। दोनों ने अमेरिका से लौटने के बाद वर्ष 2013 में शादी कर ली।
संभल और बुलंदशहर में रही चर्चित पोस्टिंग
अनुकृति शर्मा ने अपने करियर में कई बड़े और चर्चित मामलों का खुलासा किया है, संभल में बड़ा खुलासा: संभल में एएसपी (दक्षिणी) के पद पर तैनात रहते हुए उन्होंने 100 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी बीमा रैकेट का भंडाफोड़ किया था। इस मामले में 70 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिससे गरीबों को बड़ी राहत मिली। संभल प्रदेश का ऐसा पहला जिला है, जहां सभी 15 पुलिस थानों में मदर एंड चाइल्ड केयर रूम (क्रेच) बनाया गया है। यह उनकी ही पहली थी। महिला बीट की अधिकारियों को मोबिलाइज करने के लिए हर थाने को सीएसआर से एक्टिवा स्कूटर उपलब्ध कराए। गरीब और बेसहारा महिलाओं को चिह्नित कर उनके साथ दीपावली मनाने जैसी पहल उन्होंने की। इन प्रयासों के लिए 15 अगस्त 2025 को उन्हें डीजी प्रशंसा चिह्न सिल्वर मेडल से सम्मानित किया गया।
बुलंदशहर में कार्रवाई: बुलंदशहर में तैनाती के दौरान उन्होंने करोड़ों रुपये के सट्टे के कारोबार को खत्म करने में अहम भूमिका निभाई और 100 करोड़ के भूमि फ्रॉड का भी पर्दाफाश किया। एक बार एक गांव में निरीक्षण के दौरान बुजुर्ग महिला के घर में अंधेरा देखा तो वहां बिजली कनेक्शन का आदेश दिया। इसके बाद उनके मानवीय पहलू की चर्चा हुई।
नोएडा में क्या है उनकी कार्यशैली?
अनुकृति शर्मा की छवि एक ऐसी अधिकारी की है जो किसी नेता या दबाव समूह की सिफारिश पर काम नहीं करतीं। उनका स्पष्ट मानना है कि न्याय का दरवाजा हर फरियादी के लिए 24 घंटे खुला होना चाहिए। उनकी ईमानदारी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिन मामलों का उन्होंने खुलासा किया, उनमें अगर थोड़ी सी भी बेईमानी करने का मौका था, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से इनकार कर दिया।
अपराधियों में दहशत, आम नागरिकों में विश्वास
जिन जिलों में अनुकृति शर्मा की पोस्टिंग रही है, वहां अपराधियों का नेटवर्क तो तबाह हुआ है, वहीं आम नागरिक उनकी कार्यशैली से संतुष्ट और सुरक्षित महसूस करते हैं। गौतमबुद्ध नगर जैसे महत्वपूर्ण और व्यस्त शहर में उनकी तैनाती को यहां के निवासियों के लिए एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।
अनुकृति शर्मा का गौतमबुद्ध नगर आना यह संकेत देता है कि अब यहां अपराध और अवैध कारोबार पर कड़ी नजर रहेगी। ईमानदारी, संवेदनशीलता और निडरता का दूसरा नाम अनुकृति शर्मा को बताते हुए शहर के लोग उम्मीद कर रहे हैं कि उनके नेतृत्व में नोएडा पुलिस का इकबाल और बुलंद होगा। अपराधियों के लिए यह चेतावनी है कि ‘मैडम’ के राज में उनकी खैर नहीं।

