शुक्रवार को नोएडा सिटीजन फोरम (NCF) ने अपनी नई कार्यकारिणी समिति की घोषणा की, जिसके तहत वकील, शिक्षाविद, लेखिका और कलाकार शालिनी सिंह को संगठन का नया कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया। यह बदलाव 2026 से 2028 तक के कार्यकाल के लिए होगा। इस ऐतिहासिक घोषणा के साथ ही, 52 सदस्यीय नई कार्यकारिणी के अन्य पदाधिकारियों के नाम भी जारी किए गए।
कार्यक्रम का आयोजन नोएडा के एक प्रतिष्ठित स्थल पर किया गया, जिसमें नोएडा के विधायक पंकज सिंह और पूर्व सांसद मीरा सिंह ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
विधायक पंकज सिंह ने दी बधाई, कहा— फोरम समाज के प्रगति में रहेगा सहयोगी
अपने संबोधन में विधायक पंकज सिंह ने नई कार्यकारिणी को बधाई देते हुए कहा कि नोएडा सिटीजन फोरम की जनकल्याणकारी भूमिका नगर वासियों के लिए हमेशा प्रेरणादायी रही है। उन्होंने कहा, “शिक्षा से जुड़ी चुनौतियों, सार्वजनिक सुविधाओं और नागरिक अधिकारों जैसे मुद्दों पर फोरम के साथ मेरा समर्थन और सहयोग हमेशा रहेगा। मैं आशा करता हूं कि नई टीम भी इसी निरंतरता के साथ शहर के विकास और नागरिक जागरूकता के लिए काम करती रहेगी।”
उन्होंने नए कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह के चयन को नोएडा के लिए एक सकारात्मक कदम बताया और कहा कि उनके बहुआयामी पृष्ठभूमि और सामाजिक जुड़ाव को देखते हुए वह फोरम को नए ऊंचाइयों तक ले जा सकती हैं।
शालिनी सिंह ने कहा— ‘मैं समाज सेवा के मिशन में सभी की भागीदारी चाहती हूं’
नवनिर्वाचित कार्यकारी अध्यक्ष शालिनी सिंह ने अपने उद्बोधन में फोरम के उद्देश्यों को दोहराते हुए कहा कि नोएडा की तेजी से बढ़ती आबादी और शहरी चुनौतियों के मद्देनजर एक जागरूक और सक्रिय नागरिक समाज बेहद आवश्यक है।
“मैं समाज सेवा को व्यक्तिगत दायित्व समझती हूं। फोरम की आगामी योजनाओं में शैक्षणिक कार्यक्रम, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण और युवा जागरूकता को प्राथमिकता दी जाएगी,” उन्होंने कहा।
शालिनी ने सभी नागरिकों और सोसाइटीज को फोरम के कार्यक्रमों में सामूहिक भागीदारी का आह्वान करते हुए कहा, “सिर्फ एक संगठन नहीं, सिर्फ एक व्यक्ति नहीं — बल्कि पूरे शहर का समूह जुड़कर ही हम नोएडा को एक बेहतर जगह बना सकते हैं।”
कौन हैं शालिनी सिंह?
शालिनी सिंह, बृजभूषण शरण सिंह की इकलौती बेटी हैं। लेकिन उन्होंने अपना नाम सिर्फ पिता के नाम से नहीं बनाया — वे एक स्वतंत्र व्यक्तित्व के तौर पर सामने आई हैं। वकील और शिक्षाविद होने के साथ-साथ शालिनी ने अब तक पांच किताबें लिख चुकी हैं, जिनमें कविता संग्रह और निबंध शामिल हैं।
दिल्ली विश्वविद्यालय के लॉ फैकल्टी में प्रथम महिला छात्रसंघ अध्यक्ष बनकर उन्होंने ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया था। हालांकि, उन्होंने इसलिए प्रसिद्धि पाई क्योंकि उन्होंने अपने प्रभावशाली परिवार का समर्थन नहीं लिया, बल्कि अपनी मेहनत से जीत हासिल की।
कविता के साथ-साथ शालिनी निशानेबाज भी हैं। हाल ही में, नोएडा के सेक्टर-121 में आयोजित एक काव्य सम्मेलन में उनकी कविताओं ने सबका दिल छू लिया। मंच पर आकर उन्होंने कहा था, “मैं पहलवान की बेटी हूं, आज पहली बार कविता पढ़ने आई हूं।” उस दिन से वे न केवल साहित्य प्रेमियों के बीच प्रसिद्ध हुईं, बल्कि नोएडा की सामाजिक गतिविधियों में एक प्रेरक उपस्थिति बन गईं।
उनका विवाह बिहार के आरा के पूर्व सांसद स्वर्गीय अजीत सिंह के इकलौते बेटे विशाल सिंह से हुआ है। विशाल भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता हैं और नोएडा में परिवार के साथ निवास करते हैं। शालिनी और विशाल का 13 वर्षीय बेटा अथर्व है, जो उनकी प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।

